69000 *#भर्ती_मुद्दे_विशेष
साथियों आज काफी समय बाद पुनः विभिन्न पहलुओं पर तार्किक रूप से कुछ चर्चा करना चाहते हैं भर्ती का जब से जजमेंट सुरक्षित हुआ है तब से लगाकर आजतक यदि देखा जाए तो प्रतिदिन माननीय न्यायालय में कोई न कोई याचिका किसी न किसी अभ्यर्थी के द्वारा दाखिल की जाती है किन्तु हम किसी प्रकरण में कितने मजबूत हैं कितने कमजोर यह याचिकाकर्ता के स्वयं का भी विवेक होना आवश्यक है आज इसी संबंध में मैं सभी प्रकार के मामलों पर व्यक्तिगत राय रखना चाहता हूं22000 *#सीट_विशेष -
जैसा कि पूर्व में ही प्रतीक्षारत साथियों को बताया गया था कि माननीय न्यायालय का आदेश आते ही भोला प्रसाद बनाम स्टेट के आधार पर हम माननीय न्यायालय में जाकर 1.37 लाख के रिक्त पदों पर माननीय न्यायालय से कुछ राहत कि उम्मीद करेंगे और रजिस्ट्रार सेक्शन में बात करने से पता भी चला कि जैसे ही आदेश डिलीवर होगा हम इस मामले को फाइल कर सकते हैं
एनओसी_मुद्दा -
बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 के किसी भी खंड में कहीं पर भी ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि आप किसी भी पूर्व में तैनात अभ्यर्थी को नई नियुक्ति से रोंक सके हां कोर्ट मानवीय आधार पर या आरटीआई एक्ट ,छात्र शिक्षक अनुपात का हवाला देते हुए इस मुद्दे पर भले हि कोई राहत दे सकती है किंतु नियम के तहत कोर्ट ऐसे किसी भी अभ्यर्थी को नहीं रोक सकती है
संशोधन_प्रकरण -
कुछ जोगी अवैध संशोधन कि आंड में 67867 कि चयन सूची में आए साथियों कि मानवीय त्रुटियों पर भी संशोधन रोकने का ख्वाब देख रहे हैं तो उनके लिए 69000 की 67867 सूची में 3 तरह के अवैध संशोधन हैं यदि उनपर काम करें तो परिणाम सार्थक और बेहतर होंगे
★बीटीसी बैक
★बीएड अपीरिंग
★C.TET इनवैलिड
इसके अलावा 67867 कि चयन सूची में शामिल अभ्यर्थियों का संशोधन नियम के आधार पर कोर्ट से हो सकता है क्योंकि
22 वें संशोधन का नियम 14 कहता है -
सहायक अध्यापक के लिए एक भर्ती परीक्षा का आयोजन होगा और परीक्षा पास करना रोजगार कि गारंटी नहीं है भर्ती परीक्षा को पास करने वाला *#अगले_चरण_कि_प्रकिया_में *#आवेदन_का_हकदार_होगा
किंतु राज्य सरकार ने तो अगले चरण पर आवेदन लिए ही नहीं वही पुराने आवेदन खोल दिए शायद यदि आवेदक से आवेदन लिए होते और तब आवेदक कोई गलती करता तो उसका अभ्यर्थन निरस्त हो सकता था जबकि माननीय खंडपीठ लखनऊ ने स्वयं अपने आदेश में भर्ती परीक्षा को नियुक्ति प्रक्रिया से पृथक बताते हुए 90/97 पर मोहर लगाई है
इसी प्रकार सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा का विज्ञापन साफ साफ कहता है कि आपके द्वारा किए गए आवेदन के आधार पर परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा
अतः सभी लोग इस बात पर गौर करें भर्ती परीक्षा और भर्ती विज्ञापन दो पृथक चीजें हैं
अब आते हैं
ज्वलंत *#एमआरसी_प्रकरण
मेरा इस प्रकरण पर निजी विचार यह है कि यदि सरकार कि जारी चयन सूची बिल्कुल सही है तो सरकार को सभी जगह आयोग, कोर्ट में काउंटर देकर भर्ती को स्वतंत्र करा लेना चाहिए
किंतु एक सत्य यह भी है कि वर्तमान परिस्थितियों में विभाग और मंत्रियों के बयान आदि को देखकर 67867 कि सूची में अभी फेरबदल कि संभावना नहीं लगती है
*#न्यायालय_का_आदेश-
मेरा निजी विचार है कि आदेश कब और किस दिन आएगा ये सिर्फ माननीय जजों को पता है किन्तु आदेश में संभवत: सभी पक्षों के लिए कुछ न कुछ होगा जैसे कि गुणवत्ता के साथ एक और भर्ती में मौका और 67867 कि सूची बहाल, आदेश में जब सभी तथ्य दरकिनार कर दिए जाते हैं तो माननीय न्यायालय अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग करके भी अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 21(a) को दरकिनार नहीं कर सकती है
अर्थात् योग्यतम को निराशा नहीं होगी
*#अंशुमान_सिंह_अंशू
*#बीएड_लीगल_टीम
*#धन्यवाद
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