इलाहाबाद प्रमुख संवाददाताप्रदेश के 2,488 पीसीएस अफसर सीबीआई के रडार पर होंगे। ये वे अफसर हैं जिनका चयन सपा शासनकाल के दौरान हुई लोकसेवा आयोग की पीसीएस 2011 से 2015 तक की पांच परीक्षाओं में किया गया। सीबीआई इन भर्तियों में चयनित अफसरों से भी पूछताछ कर सकती है।विवादों मेंरही भर्ती:पीसीएस 2011 से 2015 तक की परीक्षाओं में चयनित 2,488 अफसरों में 184 डिप्टी कलेक्टर यानी एसडीएम और 200 डिप्टी एसपी शामिल हैं। ये चयनित अफसर प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात हैं। यूं तो सीबीआई एक अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2017 के बीच हुई आयोग की सभी भर्तियों की जांच करेगी पर इसमें पीसीएस परीक्षा सबसे अहम होगी क्योंकि सबसे ज्यादा विवाद पीसीएस भर्ती को लेकर ही रहा।प्रदेश में प्रशासनिक सेवा की यह सर्वोच्च भर्ती होती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर भर्तियों की सीबीआई जांच शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि केंद्रीय कार्मिक मंत्रलय से सीबीआई जांच की अधिसूचना जारी होने के बाद सीबीआई की सक्रियता बढ़ेगी। साक्ष्य जुटा रहे:सीबीआई लोक सेवा आयोग दफ्तर में कैंप कर अपना एक अस्थायी दफ्तर भी खोल सकती है क्योंकि उसे जांच के लिए सभी जरूरी दस्तावेज यहीं से प्राप्त होंगे। सूत्रों की मानें तो सीबीआई ने भर्तियों के भ्रष्टाचार से जुड़े साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि आयोग के अफसरों का कहना है कि उन्हें अब तक सीबीआई जांच के संबंध अधिकृत जानकारी नहीं मिली है।
Sunday, 10 December 2017
up pcs : 2,488 पीसीएस अफसर सीबीआई के रडार पर, किस वर्ष कितनी भर्तियां
इलाहाबाद प्रमुख संवाददाताप्रदेश के 2,488 पीसीएस अफसर सीबीआई के रडार पर होंगे। ये वे अफसर हैं जिनका चयन सपा शासनकाल के दौरान हुई लोकसेवा आयोग की पीसीएस 2011 से 2015 तक की पांच परीक्षाओं में किया गया। सीबीआई इन भर्तियों में चयनित अफसरों से भी पूछताछ कर सकती है।विवादों मेंरही भर्ती:पीसीएस 2011 से 2015 तक की परीक्षाओं में चयनित 2,488 अफसरों में 184 डिप्टी कलेक्टर यानी एसडीएम और 200 डिप्टी एसपी शामिल हैं। ये चयनित अफसर प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात हैं। यूं तो सीबीआई एक अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2017 के बीच हुई आयोग की सभी भर्तियों की जांच करेगी पर इसमें पीसीएस परीक्षा सबसे अहम होगी क्योंकि सबसे ज्यादा विवाद पीसीएस भर्ती को लेकर ही रहा।प्रदेश में प्रशासनिक सेवा की यह सर्वोच्च भर्ती होती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर भर्तियों की सीबीआई जांच शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि केंद्रीय कार्मिक मंत्रलय से सीबीआई जांच की अधिसूचना जारी होने के बाद सीबीआई की सक्रियता बढ़ेगी। साक्ष्य जुटा रहे:सीबीआई लोक सेवा आयोग दफ्तर में कैंप कर अपना एक अस्थायी दफ्तर भी खोल सकती है क्योंकि उसे जांच के लिए सभी जरूरी दस्तावेज यहीं से प्राप्त होंगे। सूत्रों की मानें तो सीबीआई ने भर्तियों के भ्रष्टाचार से जुड़े साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि आयोग के अफसरों का कहना है कि उन्हें अब तक सीबीआई जांच के संबंध अधिकृत जानकारी नहीं मिली है।
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