Wednesday, 6 December 2017

10 हजार सूर्य मित्रों की होगी भर्ती, कैबिनेट में सौर ऊर्जा नीति 2017 को मिली मंजूरी



यूपी कैबिनेट ने कई अहम निर्णय लेते हुए प्रदेश की सौर ऊर्जा नीति 2017 को मंजूरी दे दी है। इसमें पूर्वांचल व बुंदेलखंड में सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट लगाने पर विशेष सहूलियतों व सुविधाओं का प्रावधान है। इस नीति के अंतर्गत 2022 तक 10700 मेगावाट सौर ऊर्जा के उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया है। नीति के अंतर्गत 10 हजार युवा 'सूर्य-मित्र' रखे जाएंगे। पर्यावरण सुरक्षा में इस नीति को अहम कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट ने 2013 की सौर ऊर्जा नीति में महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दे दी है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता व स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि 100 मेगावाट के प्रोजेक्ट पर 15 से 30 हजार रुपये तक अनुदान मिलेगा और करीब 50 हजार उपभोक्ताओं को फायदा होगा। सोलर प्रोजेक्ट पर स्टांप ड्यूटी में छूट के अलावा तमाम तरह की सब्सिडी मिलेगी। सोलर पार्क की स्थापना पर भी इसेंटिव की व्यवस्था की गई है।
'पहले आओ-पहले पाओ' की नीति के तहत इसका लाभ मिलेगा। इससे राज्य सरकार पर 1831 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा के प्रयोग को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार प्रदेश में 10 हजार 'सूर्य-मित्र' का चयन करेगी। इन्हें सोलर सिस्टम से जुड़ा तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे एक साल में 1 करोड़ 36 लाख 70 टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्पादन रुकेगा। यह 64200000 पेड़ों द्वारा शोषित की जाने वाली कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर है।
सिंह ने बताया कि सरकारी के साथ-साथ अब घरों के छतों पर सोलर रूफ टॉप लगवाने को प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार 15 हजार रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से अनुदान देगी। इंस्पेक्टर राज खत्म हो गया है और अब इसमें फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) नहीं जुड़ेगा। स्वास्थ्य महकमे ने पहल करते हुए अपने सभी जिला व महिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी पर सोलर रूफ टॉप लगाने की सहमति दी है। इस संबंध में जल्दी ही एमओयू होंगे।

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