परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में 103 अभ्यर्थी परिणाम आने के छह महीने बाद भी ज्वाइन नहीं कर सके हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों की लापरवाही से ये अभ्यर्थी परेशान हैं। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने 18 सितंबर को पुनर्मूल्यांकन का परिणाम घोषित किया था।
अगस्त 2018 में घोषित 68500 भर्ती के परिणाम में बड़े पैमाने पर अनियमितता मिलने के बाद एससीईआरटी में कॉपियां जंचवाई गई थीं। दूसरी बार के मूल्यांकन से भी असंतुष्ट अभ्यर्थियों ने याचिकाएं की थी। जिस पर तीसरी बार मल्यांकन किया गया था। अमेठी के समरजीत राव का कहना है कि लेटलतीफी के कारण सफल अभ्यर्थी मानसिक और आर्थिक शोषण का शिकार हैं। पहले बैच की ज्वाइनिंग जहां सितंबर 2018 में हो गई थी वहीं अफसरों की लापरवाही से 103 अभ्यर्थी नौकरी के लिए परेशान हैं ।

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