Friday, 16 October 2020

मिड डे मील योजना में स्कूलों के बच्चों के लिए सुबह के नाश्ते को शामिल करने पर विचार, केंद्र सरकार ने राज्यों से मांगे सुझाव

 

केंद्र सरकार मिड डे मील योजना में स्कूलों के बच्चों के लिए सुबह के नाश्ते को शामिल करने पर विचार कर रही है। इस बारे में उसने राज्यों से सुझाव मांगे हैं।


केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को लिखा पत्र


नई शिक्षा नीति में की गई है इसकी वकालत

नई शिक्षा नीति में मिड डे मील योजना में स्कूली बच्चों के लिए सुबह के नाश्ते को शामिल करने की वकालत की गई है, ताकि छात्र-छात्रएं स्फूर्तिवान रहें। साथ ही प्री-प्राइमरी कक्षाओं (बाल वाटिका) के बच्चों को भी मिड-डे मील में शामिल करने की अनुशंसा की गई है। केंद्र सरकार ने सुबह के नाश्ते को शामिल करने और प्री-प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को मिड-डे मील में शामिल करने के बारे में राज्यों से उनके सुझाव मांगे हैं। प्रदेश में सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के 1.8 करोड़ बच्चों को मिड-डे मील दिया जाता है। वहीं प्रदेश के 1.87 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को गर्म पका हुआ खाना दिया जाता है। इस बारे में मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण के निदेशक विजय किरन आनंद ने केंद्र की मंशा पर सहमति जताई है।

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