प्रयागराज: एक ही पैन कार्ड नंबर एवं अन्य शैक्षिक दस्तावेजों के आधार पर दो शिक्षिकाओं की नियुक्ति के मामले में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद प्रयागराज के पूर्व माध्यमिक विद्यालय अनौर, विकास खंड उरुवा में तैनात सहायक अध्यापिका रमा सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) संजय कुमार कुशवाहा ने यह कार्रवाई करते हुए उरुवा के खंड शिक्षा अधिकारी को रमा सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और अब तक दिए गए वेतन की वसूली करने के जारी किए हैं।
दरअसल, राज्य परियोजना कार्यालय से बीएसए को एक सूची प्राप्त हुई थी, जिसमें प्रयागराज के 11 शिक्षकों का पैन नंबर किसी अन्य जनपद में तैनात शिक्षक के पैन नंबर से मिल रहा था। इनमें पूर्व माध्यमिक विद्यालय अनौर, विकास खंड उरुवा में तैनात सहायक अध्यापिका रमा सिंह का नाम भी शामिल था, जिनका पैन नंबर आजमगढ़ में तैनात प्रधानाध्यापक रमा सिंह के पैन नंबर से मेल खा रहा था। बीएसए ने इस मामले में आजमगढ़ के अफसरों से संपर्क किया। वहां तैनात प्रधानाध्यापक से उनके शैक्षिक दस्तोवजों की मूल कॉपियां मांगी गईं और इनका परीक्षण किया गया।
इधर, प्रयागराज में तैनात एवं मऊ की निवासी सहायक अध्यापिका रमा सिंह लगातार अनुपस्थित चल रहीं थीं। शिक्षा विभाग ने उनके पति अनिल सिंह से फोन पर संपर्क कर दस्तावेज मांगे तो उन्होंने दस्तावेज देने से इनकार कर दिया। इसके बाद जांच आगे बढ़ाई गई और पाया गया कि सहायक अध्यापिका रमा सिंह वर्ष 1996 से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षा विभाग में नौकरी कर रही हैं। बीएसए ने 19 सितंबर को शाम चार बजे तक रमा सिंह को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा था, लेकिन वह नहीं आईं। अब बीएसए ने सहायक अध्यापिका रमा सिंह को नियुक्ति की तिथि से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही रमा सिंह को वेतन के रूप में दी गई धनराशि की वसूली करते हुए एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

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