उत्तर प्रदेश (Uttat Pradesh Government) 69000 अध्यापकों की भर्ती (69000 Assistant Teachers) प्रक्रिया अभी जल्द पूरा होती हुई नहीं दिख रही है। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से भले ही भर्ती (69000 Assistant Teachers) को लेकर तैयारी चल रही है, लेकिन वहीं दूसरी तरफ अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग (National Commission for Backward Classes) भी काफी सख्त है। ओबीसी आयोग (OBC Commission) ने इस भर्ती प्रक्रिया पर अभी स्टे की प्रक्रिया को आगे 20 अक्टूबर के लिए बढ़ा दिया है। वहीं, इस मुद्दे को लेकर एक अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान आयोग ने कहा कि एमआरसी से पीड़ित अभ्यर्थी इस मुद्दे को लेकर अब एससीईआरटी (SCERT) जाए तो वहां पर अपनी समस्या का हल पाएं। हालांकि आयोग ने इस दौरान भर्ती (69000 Assistant Teachers) प्रक्रिया पर स्टे लगा रखा है।
इस मुद्दे पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए आयोग ने अभी तक अधिकारियों की तरफ से सूची न उपलब्ध कराने पर आपत्ति जताई। इस मुद्दे पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए एक नियमित समय फिर से दिया। आयोग (National Commission for Backward Classes) ने साफ कहा कि जब कि इस शिक्षक भर्ती (69000 Assistant Teachers) में सभी शिकायतों का निपटारा नहीं हो जाता है तब यह भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। आयोग (OBC Commission) ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर एक कमेटी का भी गठन कर दिया है। ओबीसी आयोग (National Commission for Backward Classes) ने शिकायत करने वाले अभ्यर्थियों की एक पांच सदस्यीय कमेटी बना दी है। अब यह पांच सदस्यीय कमेटी सभी शिकायतों का निपटारा करने के लिए एससीईआरटी प्रयागराज (SCERT Prayagraj) जाएंगे। एससीईआरटी (SCERT) जाने के बाद वहां सभी शिकायतों का निपटारा करेंगे। आयोग (OBC Commission) ने कहा कि जब तक अभ्यर्थी भर्ती (69000 Assistant Teachers) को लेकर संतुष्ट नहीं हो जाएंगे तब तक भर्ती पर रोक जारी रहेगी।
बता दें, सरकार अपने पुराने शासनादेश के अनुसार ही यह भर्ती प्रक्रिया पूरी करने जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Goverment) संविधान से प्राप्त अधिकारों को ठेंगा दिखाते हुए बिना किसी वादों का निपटारा किए हुए यह भर्ती करने जा रही है। गलत नियमों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया होने पर संवैधानिक संस्था राष्ट्रीय पिछड़ा वर्गआयोग
एक बार फिर से सख्त हो गया है। आयोग (OBC Commission) के सामने 24 सितंबर को पेश हुए अधिकारी एक बार फिर से कुछ नहीं उपलब्ध करा पाए। इसके बाद एक अक्टूबर को फिर से पेश हुए अधिकारी बिना किसी सूचना के साथ में पेश हुए। इस पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (OBC Commission) ने एक बार फिर सख्त लहजे में संविधान के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि अगर भर्ती (69000 Assistant Teachers) हुई तो फिर कठोर कदम उठाने पड़ेंगे।
बता दें, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (National Commission for Backward Classes) के सामने 24 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान अधिकारी 69000 सहायक शिक्षक भर्ती (69000 Assistant Teachers) की शैक्षिक वर्ग वार गुणांक सहित मूल चयन सूची उपलब्ध नहीं करा पाएं। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (National Commission for Backward Classes) की सुनवाई के दौरान आयोग में अधिकारी यह भी नहीं बता पाए कि यह भर्ती प्रदेश स्तर की है या फिर जिला स्तर की। ओबीसी आयोग (National Commission for Backward Classes) ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि 69000 सहायक शिक्षक भर्ती (69000 Assistant Teachers) में किस प्रकार से ओबीसी अभ्यर्थियों को 27 फीसदी आरक्षण दिया गया है।
यही नहीं, इसमें किस प्रकार से एमआरसी (Meritorious Reserved Candidate) लगाई गई है। आयोग के उपाध्यक्ष ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से यह भी पूछा कि ओवरलैपिंग के नियमों का पालन किया गया है या फिर नहीं। आयोग ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इसका एक हलफनामा प्रस्तुत करने के लिए कहा है। आयोग (National Commission for Backward Classes)ने स्पष्ट कहा कि 7 जुलाई से पूरी 69000 भर्ती (69000 Assistant Teachers) पर रोक लगा दी है। आयोग की तरफ से अधिकारियों के खिलाफ संवैधानिक नियमों का हवाला देते हुए कहा गया कि अगर कुछ ऐसा किया जाएगा तो फिर कार्यवाही होगी तो इस पर दंड भी दिया जाएगा। आयोग (OBC Commission) ने सुनवाई के दौरान एक बार स्वीकार करते हुए कहा कि सरकार को समय देते हुए अगली अंतिम तारीख 20 अक्तूबर लगा दी।
बता दें, आयोग (National Commission for Backward Classes) के उपाध्यक्ष लोकेश कुमार प्रजापति ने एक बार फिर से संविधान से प्राप्त शक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि एमआरसी (Meritorious Reserved Candidate) के मुद्दे पर सरकार से कई बार जवाब मांगा है, लेकिन अभी तक सतुंष्ट जवाब नहीं मिल पाया है। अब आयोग ने इस मुद्दे को लेकर अभ्यर्थियों की पांच सदस्यीय कमेटी बना दी है जो कि इसका निपटारा करेगी। आयोग (OBC Commission) ने कार्यविधि नियमावली के उपनियम 3.2.7 के तहत पूर्व जांच न होने तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा रखी है। आयोग (National Commission for Backward Classes) ने भर्ती पर 7 जुलाई से स्टे लगा रखा है।

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