#69000_सुप्रीमकोर्ट_अपेक्षित_आर्डर ।।
बहुत दिन हो गए है कोई विस्तृत पोस्ट नहीं की गई , किसी भी 60 65 सपोर्टर लीगल टीम की तरफ से ।।
हम सोचे कि #संयुक्त_लीगल_टीम ही कुछ बात स्पष्ट कर दे और जो लोग आजकल गुमराह करने की कोशिश में लगे है उन्हे भी ज़बाब मिल सके ।।
✴️ सबसे पहले बात सिंगल बेंच के आदेश की करते है और उसके आदेश की वैधता कितने दिन तक कोर्ट में टिक पाई उस पर भी लोग ध्यान दे दे , डबल बेंच में केस पड़ते ही और AG महोदय के मात्र एक दिन उपस्थिति होकर बहस करने से वो आदेश पहले ही डस्टबिन में पहुंच गया था ।।
एक विशेष बात सिंगल बेंच हम सबको पूरा मौका नहीं मिला था सुनने के लिए और कहीं न कहीं सरकार की पैरवी भी उतना जोरदार नहीं थी ।। बस इतना ही कारण मिल गया कुछ लोगो को मात्र कुछ दिन खुश होने के लिए ।।
✴️ डबल बेंच में सिंगल बेंच के आदेश पर खूब चर्चा हुई , विपक्षी दलों की तरफ से वकीलों की भारी भरकम फौज भी खड़ा की गई थी , जज साहब ने केस जितना विस्तृत सुना जा सकता था उतना आराम से सुना गया , सभी पक्षों ने अपने अपने तरफ भरपूर कोशिश की , सरकार को अपने विज्ञापन पर जीत मिली , जिसमें जब तक कोर्ट में बहस चल रही थी तब तक सभी लोग एक सुर लगा रखे थे और अपने सभी #नजूम_नक्षत्र से वो सिंगल बेंच के आर्डर के भी पाई ,कामा भी न हटेगा इतना ओवर कॉन्फिडेंस थे ।।
लेकिन हुआ क्या , #पाई_कामा भी हटा आर्डर देखकर वो खुद कोमा में चले गए थे , वो सब चीजें सबके सामने है
✴️ अब बात सुप्रीम कोर्ट की करते है 21 मई को 3 से 4 घंटे सुनवाई हुई , जज साहब के एक प्रश्न का ज़बाब भी विपक्षी सही से नहीं दे पाए थे ।।
जब जज साहब ने पूछा कि आप लोग सिर्फ इतना बताइए की डबल बेंच के आदेश में कमी क्या है? सिर्फ इतना बताइए , इस पर विपक्ष में वकीलों की फौज ने खूब जोर आजमाइश किए लेकिन जज साहब को संतुष्ट नहीं पाए और स्टे की लगातार की जा रही मांग को जज साहब ने खारिज किया और 14 जुलाई की लंबी डेट दे दी ।।
उसके बाद विपक्षी लोग कोर्ट में 9 जून को डायरेक्शन लेकर गए जजमेंट को तोड मरोड़कर पेश किए और अपना पद रिजर्व कराने में सफल हो गए , जिसे वो अपनी भारी भरकम जीत बता रहे थे ।।
इस बीच तमाम केस आंसर की सम्बन्धित लगे थे जिस पर सुनवाई हुई अभी केस खारिज कर दिए गए , एकमात्र केस #ऋषभ_मिश्रा केस को वापस डबल बेंच भेजा जज साहब ने ।।
15 जुलाई को पुनः कट आफ मुद्दे पर सुनवाई शुरू हुई , उस सुनवाई के दौरान माननीय जज साहब ने एक विशेष टिप्पणी की और 9 जून को डायरेक्शन वाले आदेश पर को पद रिजर्व हुए थे उस पर कहा कि हमने पद किसी के रिजर्व नहीं किए है उसी समय #पद_रिजर्व का भी मामला ख़तम ही हो गया था और मॉडिफिकेशन को ही नहीं बल्कि पूरे मसले को ही फाइनल करने का मूड बना लिया था जज साहब ने, इसीलिए मोडिफिकेशन को जज साहब सुनने के लिए तैयार नहीं हुए ।।
24 जुलाई को एक लम्बी बहस हुई , विपक्षी वकीलों की तरफ से बहुत सारे पक्ष रखे गए और उन तमाम बातों को सरकारी वकील भाटी मैम के साथ हमारा सभी अधिवक्ता ने खारिज किए और सबका बखूबी ज़बाब भी दिया गया ।। एक भी ऐसी टिप्पणी नहीं की जज साहब जिससे मामला सिंगल बेंच की आदेश की तरफ जाता दिखा हो , सब बाते योग्यता के पक्ष में ही थी ।।
सुप्रीम कोर्ट का आर्डर लेट होने की दो विशेष वजह है
पहला कोरोनावायरस,
और दूसरा रिटेन में ज्यादा सबमिशन होना ।।
अब निष्कर्ष में सिर्फ इतना कहेंगे जो अपने आप को चाणक्य और विधि विशेषज्ञ की उपाधि दिए बैठे है उन्हे अधिक समझने की जरूरत नहीं है उन्हे इग्नोर करे , हमेशा उनकी बात पर इस तरह रिएक्ट न करे जिससे आपका दिमाग खराब हो और मानसिक तनाव से पीड़ित रहे ।।
आदेश जो भी आयेगा गुणवत्ता को और योग्यता के पक्ष में आएगा , अभी अभी टीजीटी पीजीटी , त्रिपुरा का आदेश आया है उस आदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को ध्यान में रखते हुए किया गया है ।।
भविष्यवाणी पर दूसरो को राय देने वाले खुद भविष्यवाणी कर रहे है , फिजूल की बात का कोई आधार नहीं होता , वो ऐसा करने के लिए स्वतंत्र है कर सकता है ।।
स्वस्थ रहे मस्त रहे अपना ख्याल रखे ।।
आदेश जब भी आएगा आपकी योग्यता को ध्यान में रखकर ही आएगा ।।
#जय_महाकाल
#हर_हर_महादेव
#संयुक्त_लीगल_टीम
#विद्यांश_उपाध्याय

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