Monday, 17 August 2020

अब यूपी के पीड़ित शिक्षामित्रो का जन जीवन पहले से भी अधिक हुआ अति भयावह


*अब यूपी के पीड़ित शिक्षामित्रो का जन जीवन पहले से भी अधिक हुआ अति भयावह*?

*जैसा कि समायोजन निरस्त होने के पश्चात यूपी के पीड़ित शिक्षामित्रो को योगी सरकार से बहुत अधिक अपेक्षाएं थी कि इस संकटकालीन में योगी सरकार पीड़ित शिक्षामित्रो को इतना पारिश्रमिक जरूर देगी कि उसे अपने परिवार को जीवित रखने के लिए अन्यत्र कहीं हाथ पैर चलाना नहीं पड़ेगा? लेकिन अफसोस की योगी सरकार ने पीड़ित शिक्षामित्रो की विवशता का ऐसा अवसर भुनाया कि उसे दो वक्त की रोटी मिलने से भी तवाह कर दिया है, आज की स्थिति यह है कि बहुतायत पीड़ित शिक्षामित्र इसी अल्प मानदेय पर अपने परिवार को किसी भी तरह से जीवित रखने के लिए दिन रात तड़पते रहते हैं, अभी तक तो स्कूल समयावधि के पश्चात बंद होने के बाद कुछ समय निकाल कर के पार्ट टाइम वर्क करके बहुतायत पीड़ित शिक्षामित्र कुछ धनार्जन कर भी लेते थे अब दिनांक - 14 अगस्त के शासनादेश के अनुसार स्कूल की समय व्यवस्था में काफ़ी बदलाव होने के कारण वह भी समय सीमा स्कूल में ही रह करके निर्धारित मानदेय से ही अपने परिवार को जीवित रखना पड़ेगा, फिलहाल अब पीड़ित शिक्षामित्रो की पीड़ा को सम्भवतः ईश्वर के अतिरिक्त कोई भी समझना नहीं चाहता है, इसी उदासी के चलते नित दो से तीन पीड़ित शिक्षामित्र आत्महत्या करने के लिए विवश हैं, बहरहाल हमारे विचार से सभी पीड़ित शिक्षामित्रो को अब कोई न कोई

वैकल्पिक व्यवस्था जरूर बनाए रखने चाहिए जिससे कि उसका परिवार भूखमरी से अपना प्राण किसी भी दशा में न त्यागे? अभी तक सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत नियुक्त प्रदेश के सभी पीड़ित शिक्षामित्रो को केवल मई माह तक ही मानदेय का भुगतान विभाग के द्वारा हुआ है, राज्य परियोजना निदेशक महोदय जी के द्वारा जुलाई माह का ग्रांट सभी जनपदो को भेजा गया है लेकिन शासन के द्वारा भुगतान करने की नयी व्यवस्था लागू करने से वह भी विलंब हो रहा है, विभाग की सुस्ती का आलम यह है कि हमे नहीं लगता है कि सितंबर माह के पूर्व अवशेष सभी माह का मानदेय भुगतान विभाग के द्वारा हो पाये*?

अब यूपी के पीड़ित शिक्षामित्रो का जन जीवन पहले से भी अधिक हुआ अति भयावह Rating: 4.5 Diposkan Oleh: bankpratiyogi

0 comments:

Post a Comment