पटना हाई कोर्ट ने ये स्पष्ट कर दिया है कि 28 जून 2018 के NCTE के अधिसूचना में बीएड एवं डीएलएड दोनों को प्राइमरी में सामान अधिकार मिला है एवं प्राथमिकता जैसी कोई बात नही है। पटना हाईकोर्ट ने डीएलएड की याचिका खारिज की।
इसमे कोर्ट ने एक बात स्पष्ट रूप से कह दी कि यह एनसीटीई और सरकार का मामला है, इसमे कोर्ट हस्तक्षेप नही कर सकती।



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