Monday, 22 July 2019

अंतरजनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू न होने से शिक्षकों में मायूसी, 31 जुलाई तक प्रक्रिया पूरी करने का था प्रस्ताव


बस्ती।बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू न होने से प्रदेश के स्थानांतरण चाहने वाले शिक्षक मायूस हैं।बताते चलें कि गत जून में बेसिक शिक्षा निदेशक ने शासन को अंतर जिला तबादले का प्रस्ताव भेज दिया था। अंतर जिला तबादलों के लिए शिक्षकों से आवेदन 15 से 22 जुलाई के बीच प्राप्त करने और पूरी प्रक्रिया 31 जुलाई तक पूरी कर लेने का प्रस्ताव था।प्रस्ताव को शासन की मंजूरी मिलने पर शासनादेश जारी होने का प्रस्ताव प्रस्तावित था।प्रस्ताव के मुताबिक अंतर जिला तबादले के लिए वे नियमित पुरुष शिक्षक पात्र होंगे जिन्होंने पांच वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी कर ली थी। महिला और दिव्यांग पुरुष शिक्षकों को पांच साल सेवा की शर्त से छूट मिलने का प्रस्ताव था।लेकिन आनलाइन आवेदन करने की प्रस्तावित तिथि बीत जाने से शिक्षकों में काफी मायूसी है।सबसे ज्यादा परेशानी उन शिक्षकों को है जो लंबे समय से दूसरे जिलों में पढ़ा रहें हैं तथा अपने परिवार के साथ रहकर नौकरी करने की उम्मीद लगाए हैं ।

*टेट संगठन समय सीमा कम करने की कर चुके हैं माँग*

उत्तर प्रदेश टेट प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन समेत विभिन्न शैक्षिक संगठनों ने पुरूषो के अंतरजनपदीय स्थानांतरण की समय सीमा कार्यरत जिले में पांच साल से कम करके तीन साल करने की माँग की थी।

*शिक्षकों के पारस्परिक स्थानांतरण कराने का भी था प्रस्ताव*

प्रस्तावित प्रस्ताव में इस बार शिक्षकों के पारस्परिक स्थानांतरण कराने का भी प्रस्ताव था जिसको लेकर शिक्षकों का एक बड़ा समूह सोशल मीडिया पर पारस्परिक स्थानांतरण चाहने वाले साथी की तलाश में जुट गया था लेकिन प्रस्ताव पास न होने से लोग शांत हो गए हैं।शिक्षकों को उम्मीद है कि शासन जल्द से जल्द अंतरजनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करेगी।

*शिक्षकों को महत्वाकांक्षी जिलों से भी स्थानांतरण की उम्मीदें*

उत्तर प्रदेश टेट प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन द्वारा गत जून महीने में विभागीय अधिकारियों को दिए गए ज्ञापन में महत्वाकांक्षी जिले सिद्धार्थनगर,बलरामपुर,श्रावस्ती,बहराइच,चन्दौली,फतेहपुर,चित्रकूट,सोनभद्र आदि जिलों से भी शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण करने की माँग गयी थी।ज्ञापन में यह भी अनुरोध किया गया था कि महत्वाकांक्षी जिलों से स्थानांतरण के लिए 10 प्रतिशत से कम रिक्ति के नियम को खत्म करके शिक्षकों का अंतरजनपदीय स्थानांतरण किया जाए।शिक्षकों को उम्मीद है कि शासन उनकी माँगों पर विचार करके महत्वाकांक्षी जिलों से भी स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करेगी।


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