लखनऊ : वर्ष 2015-16 में तत्कालीन अखिलेश सरकार में चकबंदी लेखपालों के खाली पड़े 2831 पदों को भरने का अधियाचन चकबंदी निदेशालय से आयोग को भेजा गया था। आयोग को 1901 सामान्य श्रेणी, अनुसूचित जाति (एससी) के 50, अनुसूचित जनजाति (एसटी) के 63, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के 769 अभ्यर्थियों का चयन करना था। आयोग ने 2783 अभ्यर्थियों का चयन कर 12 सिंतबर 2016 को कवरिंग लेटर के साथ संबंधित सूची चकबंदी आयुक्त को भेज दी। इसमें सामान्य वर्ग के 1901 के बजाय 920, एससी के 50 के स्थान पर 104, एसटी के 64 के स्थान पर 65 और ओबीसी के 769 पदों के अधियाचन पर 1694 अभ्यर्थियों के चयन की सूची उपलब्ध कराई गई थी। ओबीसी के कहीं अधिक चयनित 925 अभ्यर्थियों में ज्यादातर जाति विशेष के थे। इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष-सचिव के साथ ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे।
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ओबीसी (OBC) के निर्धारित पदों से ज्यादा की गई थी भर्ती, चकबंदी लेखपाल भर्ती में धांधली का मामला
Wednesday, 1 May 2019
ओबीसी (OBC) के निर्धारित पदों से ज्यादा की गई थी भर्ती, चकबंदी लेखपाल भर्ती में धांधली का मामला
लखनऊ : वर्ष 2015-16 में तत्कालीन अखिलेश सरकार में चकबंदी लेखपालों के खाली पड़े 2831 पदों को भरने का अधियाचन चकबंदी निदेशालय से आयोग को भेजा गया था। आयोग को 1901 सामान्य श्रेणी, अनुसूचित जाति (एससी) के 50, अनुसूचित जनजाति (एसटी) के 63, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के 769 अभ्यर्थियों का चयन करना था। आयोग ने 2783 अभ्यर्थियों का चयन कर 12 सिंतबर 2016 को कवरिंग लेटर के साथ संबंधित सूची चकबंदी आयुक्त को भेज दी। इसमें सामान्य वर्ग के 1901 के बजाय 920, एससी के 50 के स्थान पर 104, एसटी के 64 के स्थान पर 65 और ओबीसी के 769 पदों के अधियाचन पर 1694 अभ्यर्थियों के चयन की सूची उपलब्ध कराई गई थी। ओबीसी के कहीं अधिक चयनित 925 अभ्यर्थियों में ज्यादातर जाति विशेष के थे। इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष-सचिव के साथ ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे।
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