उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा का पेपर आउट होने के मामले में आयोग को क्लीन चिट मिल गई है। जांच में पेपर आउट होने की शिकायत को आधारहीन बताया गया है। यह भी कहा गया है कि इस वजह से छह विषयों की लिखित परीक्षा पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ा।.
विज्ञापन संख्या 47 के तहत प्रदेश के सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में रिक्त 35 विषयों के असिस्टेंट प्रोफेसर के 1150 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। परीक्षा तीन चरणों में कराई गई। तीसरे चरण में छह विषयों गृह विज्ञान, गणित, वाणिज्य, भूगोल, समाजशास्त्र और शिक्षाशास्त्र के लिए लिखित परीक्षा 12 जनवरी को प्रयागराज के 34 केंद्रों पर हुई थी। 17196 परीक्षार्थियों में से 9989 यानी 58 प्रतिशत परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा के उपरांत कुछ परीक्षार्थियों ने आयोग में प्रत्यावेदन देकर वाट्सएप पर परीक्षा से पूर्व पेपर वायरल होने की शिकायत की थी। इनकी मांग थी कि परीक्षा निरस्त कर फिर से कराई जाए। जिसके बाद आयोग ने कन्नौज के सेवानिवृत जिला जज सुभाष चंद्र बोस को जांच सौंपी थी। उन्होंने शिकायत करने वाले परीक्षार्थियों के प्रत्यावेदन सहित अन्य पहलुओं पर जांच कर अपनी जो रिपोर्ट सौंपी, उसे सोमवार को हुई आयोग की बैठक में रखा गया। सचिव वंदना त्रिपाठी ने बताया कि जांच में पेपर आउट होने की शिकायत को आधारहीन बताया गया है। यह भी कहा गया है कि इसकी वजह से 12 जनवरी को हुई लिखित परीक्षा प्रभावित नहीं हुई थी।.
उत्तर कुंजी हुई जारी : सचिव ने बताया कि एकल तथ्यात्मक जांच समिति की रिपोर्ट पर विचार करते हुए इन छह विषयों की अनंतिम उत्तर कुंजी जारी करने का निर्णय लिया गया। उत्तर कुंजी जारी की जा रही है। अगर इन विषयों के अभ्यर्थियों को किसी प्रश्न या उससे उत्तर में कोई गलती नजर आती है तो वे दिए गए प्रारूप पर साक्ष्य सहित अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। आपत्ति तीस अप्रैल तक ई-मेल से भेजने के साथ ही आयोग के दफ्तर में व्यक्तिगत रूप से दो प्रतियों में जमा की जा सकती है। सचिव ने स्पष्ट किया है कि साक्ष्य के साथ मिलने वाली आपत्तियों का ही विषय-विशेषज्ञों से परीक्षण करवाया जाएगा।.
प्रयागराज। उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की सोमवार को हुई बैठक में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के 11 और विषयों की अंतिम और संशोधित उत्तर कुंजी सोमवार को जारी करने का निर्णय लिया गया। संशोधित उत्तर कुंजी के आधार पर ही इन 11 विषयों की परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के ओएमआर का मूल्यांकन किया जाएगा। सचिव वंदना त्रिपाठी ने बताया कि दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, सैन्य विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, कीट विज्ञान, कृषि अर्थशास्त्र, कृषि सांख्यिकी, कृषि वनस्पति, कृषि अभियंत्रण, उद्यानिकी तथा पशुपालन एवं दुग्ध विकास की लिखित परीक्षा 15 दिसंबर 2018 को पहले चरण में हुई थी। इन विषयों की अनंतिम उत्तर कुंजी पिछले दिनों जारी कर परीक्षार्थियों से साक्ष्य सहित आपत्तियां ली गई थीं। विषय विशेषज्ञों की कमेटी गठित कर आपत्तियों का निस्तारण करवाया गया, जिसके आधार पर यह अंतिम और संशोधित उत्तर कुंजी तैयार की गई है। संशोधित उत्तर कुंजी आयोग की वेबसाइट पर देखी जा सकती है। बता दें कि इससे पूर्व 11 अप्रैल को आयोग ने पहले चरण में हुई आठ विषयों वाणिज्य, संस्कृत, चित्रकला, संगीत गायन, प्राचीन इतिहास, राजनीति विज्ञान, भौतिकी और प्राणि विज्ञान की संशोधित उत्तर कुंजी जारी की थी। पहले चरण में 24 विषयों के असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए परीक्षा हुई थी, अब तक 19 विषयों की संशोधित उत्तर कुंजी जारी की जा चुकी है।
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