गलती का मामला सामने आने के बाद आयोग के विशेषज्ञों की योग्यता पर सवाल उठे। लेकिन तमाम किरकिरी के बाद भी आयोग ने अब तक इस मसले पर ध्यान नहीं दिया था। पीसीएस 2016 एवं 2017 के प्रकरण के बाद आयोग चेता और अब उसने अपने विशेषज्ञों को बदलने की कवायद शुरू की है। क्योंकि इस गलती के मूल में प्रश्न पत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञ ही होते हैं।.
पीसीएस सहित अन्य परीक्षाओं का पेपर तैयार करने से लेकर प्रश्नों पर आने वाली आपत्तियों के निस्तारण, कॉपियों के मूल्यांकन और मॉडरेशन आदि गोपनीय कार्यों में आयोग के विशेषज्ञ पैनल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।.
मेरिट को लेकर अलग-अलग आकलन : पीसीएस प्री 2018 परीक्षा के पेपर और इसमें पहली बार लागू की गई मानइस मार्किंग के कारण मेरिट का सही अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा है। इसे लेकर अलग-अलग आंकलन है। इतिहास विशेषज्ञ एवं दीक्षा आईसीएस कोचिंग के निदेशक अख्तर मलिक ने पीसीएस प्री 2018 के जीएस के दोनों पेपर का विश्लेषण किया है। .
उनका मानना है कि माइनस मार्किंग के कारण इस बार मेरिट 90 से 95 के बीच रहेगी। सीसैट को क्वालिफाइ करने वाले जिन परीक्षार्थियों ने 90 से 95 सही प्रश्नों के उत्तर दिए होंगे, वे डेंटर जोन से बाहर होंगे। बकौल मलिक पदों की संख्या अगर बढ़कर एक हजार भी हो जाती है तो मेरिट थोड़ा नीचे आ सकती है पर 90 से कम होने की संभावना कम है। मणि सर क्लासेज के निदेशक अवधेश मणि त्रिपाठी का मानना है कि निगेटिव मार्किंग के कारण मेरिट 85 प्लस रहने की उम्मीद है। वहीं कुछ परीक्षार्थियों का मानना है कि मेरिट 85 से 90 के बीच रहेगी। .
' 15 प्रश्नों को लेकर हुए विवाद के कारण पीसीएस जे प्री 2013 का परिणाम संशोधित किया गया था।.
' आरओ-एआरओ प्री 2013 में गलत प्रश्न पूछे जाने के मामले में आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. अनिल यादव को हाईकोर्ट ने तलब किया था। उन्हें सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली थी।.
' पीसीएस जे प्री 2015 और पीसीएस प्री 2016 एवं 2017 में गलत प्रश्नों का विवाद हुआ था। हाईकोर्ट ने परिणाम संशोधित करने के आदेश दिए थे। आयोग को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली थी।.
आयोग ने केंद्रीय, राज्य विश्वविद्यालय, मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेजों के 57 विषयों के शिक्षकों से आवेदन मांगे हैं। आवेदन की प्रक्रिया सितंबर में शुरू हुई थी। तीस अक्तूबर अंतिम तिथि है। स्नातक और परास्नातक स्तर पर दस साल अध्यापन का अनुभव रखने वाले सेवानिवृत, सेवारत शिक्षक बतौर विशेषज्ञ रखे जाएंगे।.
चार अन्य प्रश्नों पर भी उठी आपत्ति.
पीसीएस प्री 2018 के चार अन्य प्रश्नों पर भी परीक्षार्थियों ने आपत्ति की है। इनमें से दो प्रश्न तो हिन्दी से जुड़े बताए जा रहे हैं। एक प्रश्न तदभव और दूसरा वर्तनी की अशुद्धि से संबंधित है। रिजनिंग के एक प्रश्न का परीक्षार्थी दो सही उत्तर बता रहे हैं कि जबकि मंदिर से जुड़े जीएस के एक प्रश्न पर भी परीक्षार्थियों ने आपत्ति की है। दो प्रश्नों में गलती का मामला परीक्षा के दिन ही सामने आ चुका है।

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