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news18 : फरवरी 2019 में शुरू होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षाओं की स्कीम ने इंटरमीडिएट के छात्रों को मुसीबत में डाल दिया है. वजह है दो दिन में लगातार तीन पेपर. परीक्षा के बीच गैप न मिलने से छात्र से लेकर शिक्षक तक परेशान हैं. यही वजह है कि कुछ कॉलेजों के प्रिंसिपल्स ने इसे लेकर डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा को पत्र भेजकर स्कीम में संशोधन की मांग की है.
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 7 फरवरी से 2 मार्च तक चलनी हैं. इस बार डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा ने माध्यमिक शिक्षा परिषद को निर्देश दिए थे कि परीक्षाओं की स्कीम ऐसी हो जो 16 कार्यदिवस में सब परीक्षाएं पूरी हो जाएं. इससे छात्रों को आगे होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आसानी होगी. साथ ही नया सत्र भी समय से शुरू हो सकेगा.
एसकेडी एकेडमी के प्रिंसिपल डीके सिंह कहते हैं कि माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कम दिनों में परीक्षाएं खत्म कराने के लिए ऐसी स्कीम बना डाली है कि इंटर में कम्प्यूटर, गणित और फिजिक्स जैसे बड़े पेपर के बीच में छात्रों को कोई गैप नहीं मिल रहा. इसकी वजह से प्रदेश के लाखों छात्र परेशान हैं. छात्रों को डर है कि लगातार परीक्षा होने से उनको रिवीजन का कम समय मिलेगा, जिससे रिजल्ट खराब हो सकता है.
असल में 21 फरवरी को सुबह 8 बजे से 11.15 बचे की शिफ्ट में इंटर के छात्रों की कम्प्यूटर की परीक्षा है. छात्र 11.15 बजे परीक्षा देकर बाहर निकलेंगे और इसी दिन दोपहर 2 बजे की शिफ्ट में उन्हें मैथ्स जैसे कठिन विषय की परीक्षा देनी होगी. इतना ही नहीं अगले ही दिन यानी 22 फरवरी को इन छात्रों को दोपहर 2 बजे फिजिक्स की परीक्षा देनी है. मैथ्स, फिजिक्स जैसे कठिन विषयों की परीक्षा में गैप न होने से छात्र परेशान हैं.
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