
लखनऊ (जेएनएन)। बेसिक शिक्षक भर्ती में गड़बड़ियों पर सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। आज सुबह सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी सुत्ता सिंह को निलम्बित कर दिया गया है । इसके अलावा संजय सिन्हा को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के पद से हटाये गए हैं।
मामले की जांच के लिए प्रमुख सचिव चीनी एवं गन्ना विकास की अध्यक्षता में समिति गठित की है ।सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी सुत्ता सिंह निलंबित।संजय सिन्हा से सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद का चार्ज छिना। रजिस्ट्रार जीवेन्द्र सिंह ऐरी भी हटाए गए। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी सुत्ता सिंह सस्पेंड, अनिल चतुर्वेदी नए सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा हटाये गए, रूबी सिंह को चार्ज। रजिस्ट्रार जीवेंद्र सिंह ऐरी को हटा, अजय कुमार को चार्ज सालों से अफसर जमे थे। भर्ती में गड़बड़ी की जांच संजय भुसरेड्डी कमेटी को।
बताते चलें कि प्रदेश में पहली बार प्राथमिक शिक्षक भर्ती में मेरिट की जगह मेधा को वरीयता मिली। सरकार का मकसद यही रहा कि अच्छे शिक्षक मिलने से वर्षों से बिगड़ी स्कूलों की दशा और दिशा सुधरेगी। इसके लिए शिक्षक चयन की परिपाटी तोड़कर लिखित परीक्षा का नियम बना। पहली परीक्षा 68500 भारी भरकम पदों के लिए हुई लेकिन, योगी सरकार के इस प्रयोग को अफसरों ने सफल नहीं होने दिया। परीक्षा परिणाम ही नहीं, हर कदम पर किरकिरी कराने का कोई अवसर नौकरशाही ने नहीं गंवाया।
सचिव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी सुत्ता सिंह निलंबित।
संजय सिन्हा से सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद का चार्ज छिना।
रजिस्ट्रार जीवेन्द्र सिंह ऐरी भी हटाए गये।
अनिल भूषण चतुर्वेदी बने नये सचिव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी।
अजय कुमार बने रजिस्ट्रार।
रूबी सिंह बनायी गई सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद।
प्रमुख सचिव गन्ना की अध्यक्षता मे कमेटी गठित, ये कमेटी धांधली की जाँच करेगी।
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