Thursday, 28 June 2018

उच्च शिक्षा में बड़े सुधार की तैयारी , जुलाई तक मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सुझाव मांगे.

केंद्र सरकार उच्च शिक्षा में बड़े सुधार की तैयारी कर रही है। योजना आयोग को नीति आयोग में बदलने के करीब तीन साल बाद सरकार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को खत्म कर उसकी जगह ताकतवर उच्च शिक्षा आयोग बनाने जा रही है। .
विधेयक का मसौदा तैयार: सरकार ने ‘भारतीय उच्च शिक्षा आयोग (रिपील ऑफ यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन एक्ट) एक्ट 2018' का मसौदा जारी कर दिया है। इस पर 7 जुलाई तक लोगों से सुझाव देने को कहा गया है। अगले महीने शुरू होने जा रहे संसद के मानसून सत्र में इसे पेश करने की तैयारी है।
संबंद्ध संस्थाओं को फिर से आवेदन करना होगा: यूजीसी से संबंद्ध संस्थानों को नए आयोग से फिर से अनुमति लेनी होगी। इसके लिए सभी को ऑनलाइन आवेदन करना होगा।.
पारदर्शी व्यवस्था पर जोर: मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नए मसौदे में अनावश्यक जांच की व्यवस्था को खत्म कर मेधा के आधार पर निर्णय लेने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है। नया आयोग अकादमिक स्तर को बेहतर बनाने और पठन-पाठन पर ध्यान देने के लिए बनाया जा रहा है। .
अभी सिर्फ यूजीसी में सुधार की सिफारिश: मंत्रालय पहले यूजीसी, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई), राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षण परिषद (एनसीटीई) को मिलाकर एक नियामक आयोग उच्च शिक्षा नियामक आयोग (हीरा) बनाने की तैयारी कर रहा था। इसमें तकनीकी समस्याओं के बाद यूजीसी में सुधार का फैसला किया। 
आयोग की ओर से लगाए गए जुर्माने का पालन न करने पर संस्था के मुख्य कार्यकारी और प्रबंधन को तीन साल तक की सजा देने का भी प्रावधान किया गया है। आयोग संस्थानों को भी सजा दे सकेगा।.
जुलाई तक मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सुझाव मांगे.
साल पुराने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) का अस्तित्व होगा खत्म 
उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने की जिम्मेदारी होगी। इसमें विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करना, मार्गदर्शन, शिक्षकों का प्रशिक्षण जैसे काम शामिल हैं। .
नए आयोग को फंड जारी करने का अधिकार नहीं होगा। ये काम मानव संसाधन विकास मंत्रालय अपने हाथों में लेगा। पहले यूजीसी ही संस्थानों को फंड जारी करता था।



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