Friday, 1 June 2018

अंतरजनपदीय स्थानांतरण मामले पर कोर्ट का फैसला , बीमार शिक्षकों के तबादले पर विचार करने का निर्देश


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को किडनी, कैंसर, हृदयरोग जैसी गम्भीर बीमारी से पीड़ित अध्यापकों के अंतर जनपदीय स्थानांतरण पर विचार करने का निर्देश दिया है।.
कोर्ट ने कहा कि सामान्य तौर पर पांच साल की सेवा के बाद ही अध्यापकों के अंतर जनपदीय तबादले हो सकते हैं लेकिन विशेष परिस्थितियों में सचिव बेसिक शिक्षा परिषद इस संबंध में विचार कर सकते हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने अनिरुद्ध कुमार त्रिपाठी व अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। इस मामले में अधिवक्ता एलके त्रिगुणायत, देवकांत त्रिगुणायत एवं विभु राय ने बहस की।याचियों का कहना था कि 13 जून 2017 के शासनादेश से सरकार ने गम्भीर रूप से बीमार पांच साल से कम अवधि पर भी अंतर जनपदीय स्थानांतरण की छूट दी है। इस शासनादेश में शिक्षक, उसकी पत्नी व बच्चों की गम्भीर बीमारी होने पर अंतर जनपदीय स्थानांतरण की व्यवस्था दी गई है। याचिका के अनुसार याची लखीमपुर खीरी से बांदा आना चाहता है। कानपुर में उसकी किडनी का इलाज चल रहा है। याची का कहना था कि महिलाओं के अंतर जनपदीय स्थानांतरण पांच वर्ष से पहले भी किए जा रहे हैं। पुरुषों के लिए यह सुविधा न देना उनके साथ भेदभाव करना है। इस पर सरकार के दिए तर्क को कोर्ट ने नहीं माना और सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को तीन माह में इस संबंध में निर्णय लेने का आदेश दिया है। .
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने प्राइमरी स्कूलों के अप्रशिक्षित अध्यापकों को दो वर्षीय डीएलएड डिप्लोमा लेने की सूचना न देने के मामले में केंद्र व राज्य सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तीन अगस्त 2017 के सर्कुलर को पूरी तरह से लागू क्यों नहीं किया गया? यह आदेश न्यायमूर्ति एमके गुप्ता ने उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षक संघ की याचिका पर अधिवक्ता संजय कुमार मिश्र व केंद्र सरकार के अधिवक्ता राजेश त्रिपाठी को सुनकर दिया है। याची का कहना है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सर्कुलर जारी कर कहा कि एक अप्रैल 19 के बाद सभी अप्रशिक्षित अध्यापकों की सेवा समाप्त कर दी जाएगी। अगली सुनवाई चार जुलाई को होगी।.



अंतरजनपदीय स्थानांतरण मामले पर कोर्ट का फैसला , बीमार शिक्षकों के तबादले पर विचार करने का निर्देश Rating: 4.5 Diposkan Oleh: bankpratiyogi

0 comments:

Post a Comment