इलाहाबाद प्रमुख संवाददातालोक सेवा आयोग की पीसीएस 2017 मुख्य परीक्षा टल गई है। अब यह परीक्षा 17 मार्च के स्थान पर 17 मई से शुरू होगी। आयोग ने यह कदम भर्तियों की सीबीआई जांच की वजह से आयोग के कार्यों पर पड़े प्रभाव और प्रतियोगी छात्रों की मांग को देखते हुए उठाया है।अप्रैल 2012 से मार्च 2017 तक हुई आयोग की भर्तियों की जांच के लिए सीबीआई टीम 31 जनवरी से आयोग में डटी हुई है। आयोग के परीक्षा, स्केलिंग, इंटरव्यू समेत सभी महत्वपूर्ण अनुभागों के कम्प्यूटर की स्कैनिंग की जा रही है। महत्वपूर्ण अनुभागों के ज्यादातर अफसर-कर्मचारी भी जांच टीम को सहयोग करने में ही व्यस्त हैं। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति, भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा आदि संगठनों से जुड़े प्रतियोगी यह कहते हुएपरीक्षा टालने की मांग कर रहे थे कि उन्हें तैयारी के लिए वक्त कम मिल रहा है। आयोग के सचिव ने प्रतियोगियों से मिला ज्ञापन परीक्षा समिति को भेजा था। मंगलवार को हुई आयोग की बैठक में मौजूदा स्थिति को देखते हुए परीक्षा टालने का फैसला लिया गया।पीसीएस 2017 की प्रारंभिक परीक्षा 24 सितंबर 2017 को हुई थी। आयोग की मंशा 15 दिसंबर तक प्री का परिणाम घोषित कर तीन माह बाद 17 मार्च से मुख्य परीक्षा कराने की थी लेकिन परीक्षार्थियों द्वारा ओएमआर में की गई गड़बड़ी को सुधारने में लगे वक्त के कारण प्री का परिणाम 19 जनवरी को घोषित हो सका। डिप्टी एसपी और डिप्टी कलेक्टर समेत 27 प्रकार के 677 पदों के लिए हो रही इस भर्ती में मुख्य परीक्षा के लिए 14032 अभ्यर्थियों को सफल किया गया है। सफल प्रतियोगियों का कहना था कि मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए कम से कम तीन माह का वक्त दिया जाए।
आयोग ने अपर निजी सचिव (एपीएस) उत्तर प्रदेश सचिवालय परीक्षा 2013 की कम्प्यूटर ज्ञान परीक्षा को भी टाल दिया है। यह परीक्षा 11 फरवरी से होनी थी। परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार की ओर से पीसीएस और एपीएस परीक्षा टालने की सूचना जारी की गई है। एपीएस परीक्षा की नई तिथि भी घोषित नहीं की गई है। 25 फरवरी को प्रस्तावित प्रवक्ता राजकीय इंटर कॉलेज स्क्रीनिंग परीक्षा 2017 को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। हालांकि अभी इस परीक्षा के बारे में निर्णय नहीं लिया गया है।
20 जनवरी के अंक में पीसीएस प्री 2017 के परिणाम की खबर के साथ आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए समय कम मिलने पर खबर प्रकाशित की थी। ‘हिन्दुस्तान’ के चार फरवरी के अंक में प्रतियोगियों की मांग और सीबीआई जांच को देखते हुए मुख्य परीक्षा टलने के आसार पर भी खबर प्रकाशित की गई थी।
प्रतियोगी छात्र सपा शासनकाल के दौरान हुई पीसीएस और लोअर 2015 मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए कम समय देने को लेकर जिस तरह मुद्दा बना रहे हैं, उसे देखते हुए आयोग के अफसरों को भय था कि कहीं पीसीएस 2017 में भी कम समय देना मुद्दा न बन जाए। इस वजह से भी परीक्षा टाली गई है।
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