सरकारी सहायता प्राप्त बालिका विद्यालयों में हुई नियुक्तियां विवादों में घिर गई हैं। नियुक्तियों में नियमों की अनदेखी कर राजनेताओं और अधिकारियों के करीबियों को नौकरियां बांटने के आरोप लग रहे हैं। इसके विरोध में माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) ने मंगलवार को आंदोलन की घोषणा भी कर दी है। संगठन के प्रदेश मंत्री डॉ.आरपी मिश्र का कहना है कि पिछली सरकार में जमकर खेल किया गया है। लाखों रुपये की वसूली कर मानकों को ताक पर रखकर यह अवैध तरीके से नियुक्तियां की गई हैं। शिक्षा विभाग के कई बड़े अधिकारी इसमें शामिल हैं। संगठन की ओर से इनपर कार्रवाई करने की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से इसकी शुरुआत की जा रही है। ठोस कार्रवाई न होने की स्थिति में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा तक का घेराव किया जाएगा। बालिका विद्यालयों में गलत ढंग से हुई नियुक्तियों में पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय डीएन सिंह के खिलाफ कार्रवाई तक की गई लेकिन जिनकी नियुक्तियां की गईं उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई हैं।
यशोदा रस्तोगी गल्र्स इंटर कॉलेज : छात्रसंख्या, अर्हता और निकल संबंधी समेत अन्य नियमों की अनदेखी कर 14 नियुक्तियां किए जाने के आरोप है। आरोप है कि इस स्कूल में फर्जी नियुक्तियों के प्रकरण में पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय डीएन सिंह को सस्पेंड किया गया। लेकिन, यहां अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। खुनखुनजी गल्र्स इंटर कॉलेज : यहां भी छात्रसंख्या व अर्हता के मानकों को किनारे तक दो चरणों में 13 नियुक्तियां किए जाने के आरोप हैं। नियुक्ति के लिए कुछ अभ्यर्थियों के फर्जी टीईटी प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल किए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं। करामत हुसैन गल्र्स इंटर कॉलेज : यहां शिक्षा विभाग के एक दलाल से लेकर डीएम स्तर के एक अधिकारी के रिश्तेदार को नियुक्ति बांटी गई। गलत ढंग से नियुक्ति के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का वेतन फिलहाल रुका है। विभागीय स्तर पर जांच शुरू हो गई है। लेकिन, प्रबंधक नावेद अहमद का कहना है कि उनके स्तर पर कोई गलत नियुक्ति नहीं की गई है।

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