इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डाक और संचार विभाग में ग्रामीण डाक सेवकों की भर्ती में उप्र संस्कृत शिक्षा बोर्ड की पूर्व मध्यमा डिग्री को भी शामिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने चीफ पोस्ट मास्टर जनरल लखनऊ और ग्रामीण डाक सेवक भर्ती के अधिकृत अधिकारी को आदेश दिया है कि वे 10 दिन के भीतर पूर्व मध्यमा को सॉफ्टवेयर में अपलोड करें और पब्लिक नोटिस प्रकाशित कर उक्त डिग्री धारकों को सीधी भर्ती में शामिल होने का अवसर देने के लिए तीन सप्ताह तक आवेदन स्वीकार किए जाएं। यह आदेश न्यायमूर्ति रामसूरत राम मौर्या ने अजय कुमार शर्मा व अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता विष्णुकांत तिवारी ने बहस की। याची का कहना है कि मानव संसाधन विकास मंत्रलय के 23 फरवरी 2010 की अधिसूचना में पूर्व मध्यमा को हाईस्कूल के समकक्ष डिग्री के रूप में मान्यता दी गई है इसलिए ग्रामीण डाक सेवक भर्ती में वेबसाइट में इस डिग्री को शामिल न करना गलत है।
Wednesday, 6 December 2017
Sarkari Naukari : ग्रामीण डाक सेवक भर्ती में पूर्व मध्यमा की डिग्री हो शामिल
इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डाक और संचार विभाग में ग्रामीण डाक सेवकों की भर्ती में उप्र संस्कृत शिक्षा बोर्ड की पूर्व मध्यमा डिग्री को भी शामिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने चीफ पोस्ट मास्टर जनरल लखनऊ और ग्रामीण डाक सेवक भर्ती के अधिकृत अधिकारी को आदेश दिया है कि वे 10 दिन के भीतर पूर्व मध्यमा को सॉफ्टवेयर में अपलोड करें और पब्लिक नोटिस प्रकाशित कर उक्त डिग्री धारकों को सीधी भर्ती में शामिल होने का अवसर देने के लिए तीन सप्ताह तक आवेदन स्वीकार किए जाएं। यह आदेश न्यायमूर्ति रामसूरत राम मौर्या ने अजय कुमार शर्मा व अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता विष्णुकांत तिवारी ने बहस की। याची का कहना है कि मानव संसाधन विकास मंत्रलय के 23 फरवरी 2010 की अधिसूचना में पूर्व मध्यमा को हाईस्कूल के समकक्ष डिग्री के रूप में मान्यता दी गई है इसलिए ग्रामीण डाक सेवक भर्ती में वेबसाइट में इस डिग्री को शामिल न करना गलत है।
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