परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों के अंतर जिला तबादले अगस्त में ही होने थे, शासन ने इसके लिए जून माह में आदेश दिया था। इस संबंध में परिषद ने पहले जिले के अंदर शिक्षकों के समायोजन और फिर तबादला करने का आदेश दिया। समायोजन और जिले के अंदर तबादला प्रक्रिया शिक्षकों का डाटा दुरुस्त न होने की भेंट चढ़ गई। यह प्रकरण हाईकोर्ट तक पहुंचा और न्यायालय ने प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। इसीलिए अंतर जिला तबादले नहीं हो सके। अब परिषद सचिव ने बेसिक शिक्षा अधिकारी व वित्त एवं लेखाधिकारियों को निर्देश दिया है कि अध्यापकों का अंतर जिला तबादला होना है। इसके लिए आवेदन ऑनलाइन लिए जाएंगे। यह साफ्टवेयर अध्यापकों के वेतन भुगतान संबंधी सैलरी डाटा पर आधारित है। इसलिए शिक्षकों की अपडेटेड सैलरी का पूरा डाटा परिषद मुख्यालय को 20 दिसंबर तक मुहैया कराया जाए। 1सचिव ने पत्र में लिखा है कि जिले के अंदर स्थानांतरण में अपलोड कराए गए सैलरी डाटा की विसंगति से तमाम कठिनाई पहले आ चुकी हैं, ऐसे में पूरी सतर्कता बरतें। सैलरी डाटा परिषद मुख्यालय भेजने से पहले उसकी जांच कर लें कि उसमें कोई गड़बड़ी तो नहीं है।
इसमें लापरवाही होने पर डाटा भेजने वाले अफसर खुद जिम्मेदार होंगे। माना जा रहा है कि इस माह के अंत या फिर नए साल के पहले पखवारे में ही ऑनलाइन आवेदन लेने का सिलसिला शुरू होगा। नया शैक्षिक सत्र एक अप्रैल से शुरू होना है उसके पहले ही तबादला सूची जारी करने की तैयारी है, ताकि नए सत्र में शिक्षकों की कमी का संकट न रहे। इस आदेश से अध्यापकों में खुशी की लहर है।

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