राज्य मुख्यालय प्रमुख संवाददाताप्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को स्वेटर अब जनवरी तक मिल पाएगा। स्कूलों में बंटने वाले स्वेटरों की खरीद दिसंबर के आखिरी हफ्ते में होगी। राज्य सरकार ने स्वेटर के लिए दोबारा टेंडर जारी करते हुए 22 दिसंबर तक निविदाएं मांगी हैं। सरकारी स्कूलों के 1.54 करोड़ बच्चों के लिए स्वेटर खरीदे जाने हैं। इससे पहले राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के जेम पोर्टल पर टेंडर अपलोड किया था लेकिन वहां पर राज्य सरकार को सफलता हाथ नहीं लगी। एक तो कीमतों को लेकर कंपनियां एकमत नहीं थी वहीं इतनी बड़ी संख्या में इतनी जल्दी आपूर्ति करने से कंपनियों ने हाथ खड़े कर दिए। राज्य सरकार पहली बार बुनियादी शिक्षा के स्कूलो में स्वेटर देने जा रही है। सरकार ने औसतन 170 रुपये प्रति स्वेटर दाम तय किया है। ये स्वेटर कक्ष 1 से 8 तक के बच्चों को दिए जाने हैं। सरकारी स्कूलों का सत्र अप्रैल से शुरू हो चुका है। फैसला होने के बावजूद सरकार स्वेटर के मानक तय करने में देरी कर गई। इस देरी का खामियाजा बच्चों को उठाना पड़ रहा है। बच्चों को किताबें ,यूनीफॉर्म और जूते मोजे भी देर से मिले हैं
Tuesday, 12 December 2017
primary ka master : स्कूलों में अब स्वेटर जनवरी तक मिल पाएगा
राज्य मुख्यालय प्रमुख संवाददाताप्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को स्वेटर अब जनवरी तक मिल पाएगा। स्कूलों में बंटने वाले स्वेटरों की खरीद दिसंबर के आखिरी हफ्ते में होगी। राज्य सरकार ने स्वेटर के लिए दोबारा टेंडर जारी करते हुए 22 दिसंबर तक निविदाएं मांगी हैं। सरकारी स्कूलों के 1.54 करोड़ बच्चों के लिए स्वेटर खरीदे जाने हैं। इससे पहले राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के जेम पोर्टल पर टेंडर अपलोड किया था लेकिन वहां पर राज्य सरकार को सफलता हाथ नहीं लगी। एक तो कीमतों को लेकर कंपनियां एकमत नहीं थी वहीं इतनी बड़ी संख्या में इतनी जल्दी आपूर्ति करने से कंपनियों ने हाथ खड़े कर दिए। राज्य सरकार पहली बार बुनियादी शिक्षा के स्कूलो में स्वेटर देने जा रही है। सरकार ने औसतन 170 रुपये प्रति स्वेटर दाम तय किया है। ये स्वेटर कक्ष 1 से 8 तक के बच्चों को दिए जाने हैं। सरकारी स्कूलों का सत्र अप्रैल से शुरू हो चुका है। फैसला होने के बावजूद सरकार स्वेटर के मानक तय करने में देरी कर गई। इस देरी का खामियाजा बच्चों को उठाना पड़ रहा है। बच्चों को किताबें ,यूनीफॉर्म और जूते मोजे भी देर से मिले हैं
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